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Showing posts from November, 2020

भाई-दूज क्यों मनाते हैं ?

सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के 3 बच्चे हैं शनि देव यम-राज यमुना इन 3 में से, भाई यम और बहन यमुना में बहुत प्यार था। यमुना हमेशा अपने भाई यम को अपने घर पर एक अतिथि के रूप में आमंत्रित करती है लेकिन यम हमेशा इस बात से इनकार करते हैं कि वह मृत्यु के देवता हैं कई वर्षों के आमंत्रण के बाद एक बार यम अपनी बहन यमुना के घर गए वह दिन  कार्तिक-शुक्ल-पक्ष-द्वितीया था यम इतने खुश थे कि उन्होंने सभी कैदियों को अपने लोक (यम-लोक) से मुक्त कर दिया। यमुना भी अपने भाई से मिलकर बहुत खुश हुई यम ने अपनी बहन से उपहार के रूप में कुछ माँगने को कहा। यम के माथे पर यमुना ने तिलक लगाया और कहा कि यदि कार्तिक-शुक्ल-पक्ष-द्वितीया के दिन कोई भी बहन अपने भाई को तिलक लगाती है, तो दोनों को मृत्यु का भय नहीं होना चाहिए यम ने कहा-तथास्तु और अपने स्थान के लिए प्रस्थान किया इसलिए इस दिन को यम-द्वितीया या भाई-दूज के रूप में मनाया जाता है मुझे आशा है कि आपको अपने त्योहार के बारे में यह जानकारी पसंद आयी होगी 💐भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं💐

शहीद वीरांगना उदा देवी पासी ! 16 नवंबर शहीदी दिवस

ऊदा देवी पासी ने  1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय सिपाहियों की ओर से युद्ध में भाग लिया था। ये अवध के छठे नवाब वाजिद अली शाह के महिला दस्ते की सदस्या थीं।  विद्रोह के समय लखनऊ की घेराबंदी के समय लगभग 2000 भारतीय सिपाहियों के शरणस्थल सिकन्दर बाग़ पर ब्रिटिश फौजों द्वारा चढ़ाई की गयी थी और 16 नवंबर 1857 को बाग़ में शरण लिये इन 2000भारतीय सिपाहियों का ब्रिटिश फौजों द्वारा संहार कर दिया गया था। इस लड़ाई में उदा देवी पासी के पति मक्का पासी  सेनापति  कि मृत्यु हो जाती है उसके  पश्चात्, उदा देवी अंग्रेजो से बदला लेने के लिए पुरुष का वेश धारण कर अकेले ही अंग्रजों से लोहा लेने निकल पड़ी।  हाथ में तीर कमान और कुछ गोल बारूद  लेकर एक ऊँचे पीपल के पेड़ पर चढ़ गयी जहाँ पर अंग्रेज सैनिक पानी पीने और आराम करने आते थे। एक-एक करके अपनी चालाकी और बुद्धिमत्ता से उदा देवी ने 36 अंग्रेजो को गोला बारूद और तीर कमान  गोलियों से मौत के घाट उतार दिया।  पानी पीने गए सैनिक वापस नहीं आये तो अंग्रेज अफसर को शक हुआ और उसने जब आकर देखा तो अपने 36 अंग्रे...

गांव की खटिया

 कमर दर्द, सरवाइकल और चारपाई के फ़ायदे और नुकसान की जानकारी हमारे पूर्वजो को बहुत पहले से ही थी। एक तरह से हम उन लोगों को वैज्ञानिक कह सकते हैं। सोने (शयन) के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है। इससे कई प्रकार के रोगों से छुटकारा मिल जाता है। हमारे पूर्वजों को क्या लकड़ी को चीरना नहीं जानते थे? वे भी लकड़ी चीरकर उसकी पट्टियाँ बनाकर डबल बेड बना सकते थे। डबल बेड बनाना कोई रॉकेट सायंस नहीं है। लकड़ी की पट्टियों में कीलें ही ठोंकनी होती हैं। चारपाई भी भले कोई सायंस नहीं है, लेकिन एक समझदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके। चारपाई बनाना एक कला है। उसे रस्सी से बुनना पड़ता है और उसमें दिमाग और श्रम लगता है। जब हम सोते हैं, तब सिर और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है क्योंकि रात हो या दोपहर में लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते हैं। पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय चारपाई की जोली ही इस स्वास्थ का लाभ पहुंचा सकती है। दुनियां में जितनी भी आरामकुर्सियां देख लें सभी में चारपाई की तरह जोली बनाई जाती है। बच्चों का पुराना पालना सिर्फ कपडे की ...